देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के तीन-तीन प्रधानाचार्यों के साथ ही श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 50-50 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता और व्यावहारिकता का समावेश भी अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, व्यवहारिक और गुणवत्ता-युक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।