देहरादून आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए कि स्वीकृत प्रस्तावों के लिए जारी फंड्स तथा कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही विभागों से एमसीआर फॉर्मेट पर भौतिक प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में इंजीनियर्स नियोजन समिति को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव भेजने से पूर्व समिति द्वारा तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में ईएनसी, लोक निर्माण विभाग को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए मानक (नॉर्म्स) तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की आवश्यकता कार्यस्थल की स्थिति और प्रकृति के अनुसार भिन्न हो सकती है, इसलिए उसी अनुरूप कार्य किए जाएं। जहां संभव हो, वहां वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को प्राथमिकता दी जाए।
इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्ष सिंचाई को देहरादून जनपद के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करते हुए नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री आनंद स्वरूप, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।