प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार मोटापे की समस्या पर चिंता जता रहे हैं

देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार मोटापे की समस्या पर चिंता जता रहे हैं. उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान भी उन्होंने इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या का विशेष रूप से उल्लेख किया था.

पीएम मोदी के इस आह्वान के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में मोटापे से निपटने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं. सरकार जल्द ही स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और मोटापा कम करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है

उत्तराखंड भी देश के अन्य राज्यों की तरह मोटापे की समस्या से अछूता नहीं है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में मोटापा लगातार बढ़ रहा है. 2015-16 में उत्तराखंड में 17.7 प्रतिशत पुरुष और 20.4 प्रतिशत महिलाएं मोटापे की चपेट में थीं. यह आंकड़ा 2019-21 में बढ़कर पुरुषों के लिए 27.1 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 29.8 प्रतिशत हो गया. सर्वेक्षण के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में भी मोटापे की समस्या बढ़ती जा रही है, जिससे यह धारणा टूट रही है कि पहाड़ों में रहने वाले लोग अधिक स्वस्थ रहते हैं

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प्रधानमंत्री ने क्या दिया था सुझाव
पीएम मोदी ने हाल ही में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी मोटापे को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और खाने के तेल की खपत में 10 प्रतिशत की कटौती करने का सुझाव दिया था. इस दिशा में अब उत्तराखंड सरकार भी कदम बढ़ा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही इस विषय पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें मोटापा कम करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी.

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य को लेकर पहले से कई योजनाएं चला रही है, लेकिन अब इसमें और तेजी लाई जाएगी. राज्य में खेलों और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. इस अभियान में खिलाड़ियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी, जो लोगों को जागरूक करेंगे और सही जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे. राज्य सरकार स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी इस अभियान को बढ़ाने की योजना बना रही है

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