अल्मोड़ा। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और मनमानी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने इस गंभीर मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव और आई.टी. सेल विभाग तक पहुंचाया, जिसमें जिलाधिकारी अल्मोड़ा सहित कई अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।
शिकायत में बताया गया कि विभिन्न विभागों के अधिकारी जन समस्याओं के समाधान के बजाय शिकायतों को बिना शिकायतकर्ता की अनुमति के ही बंद कर रहे हैं। यह न केवल जन सुनवाई प्रणाली का अपमान है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की मनमानी को भी उजागर करता है।
*मुख्यमंत्री धामी ने दिए कड़े निर्देश*
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी जन शिकायत को बिना उचित समाधान के बंद नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, शिकायतों को अनदेखा करने या बिना निस्तारण बंद करने वाले अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
*प्रशासनिक जवाबदेही होगी तय, जनता का बढ़ेगा विश्वास*
मुख्यमंत्री के इस फैसले से जहां सरकार के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत होगा, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और उनकी मनमानी पर अंकुश लगेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया और इसे प्रदेश में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी, जिससे जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया निष्पक्ष और प्रभावी बन सके।