कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी ने दावा किया कि झड़प में उनके पति पर भी हमला हुआ

नैनीताल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने आरोप लगाया है कि नैनीताल, जिसकी जिला पंचायत का एक अभूतपूर्व सम्मानजनक इतिहास रहा है जहां हाईकोर्ट में न्याय के देवता बैठते हैं और वहां लाइन पर लगे हुए कांग्रेस पार्टी के समर्थन में वोट करने जा रहे जिला पंचायत के सदस्यों को गुंडागर्दी के बल पर उठा लिया जाता है। हमारे होनहार दलित नेता संजीव आर्य के साथ मारपीट की जाती है। एक सम्मानित सदस्य का कुर्ता फाड़ दिया जाता है। यह एक धब्बा है और नैनीताल को ही नहीं पूरे उत्तराखंड को इस गुंडागर्दी के खिलाफ उठकर के खड़ा होना पड़ेगा।

यह सरकार का दायित्व है कि उन वोटर्स को लाएं और उनको लाइन पर लगाकर के उनका वोट डलवाएं। मैं देख रहा था हमारे जन प्रतिनिधियों ने उनके प्रमाण पत्र लाइव दिखाएं हैं, वह प्रतिनिधि अपने प्रमाण पत्रों को खुद दिखा रहे हैं, आखिर यह क्या हो रहा है ? यह बहुत चिंता का विषय है।

मैंने सुना कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को भी धक्का दिया गया है, उनको भी गाली दी गई है। मैंने उनसे आग्रह किया है कि वह हाईकोर्ट के शरण में जाएं और माननीय हाईकोर्ट से प्रार्थना करें कि वह हमारे वोटर्स का तीन-चार जितने भी वोटर हैं, उनके वोट डलवाएं तभी जो है रिजल्ट की घोषणा हो।

 बड़ी खबर: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए जाते सदस्यों को अराजक तत्वों द्वारा जबरन उठाने पर हंगामा

ज़नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले नैनीताल में सियासी तनाव चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वोट देने जा रहे कांग्रेस के 6–7 जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण करने की कोशिश की गई। कांग्रेस का कहना है कि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के साथ धक्का-मुक्की, बदतमीजी हुई, जबकि पूर्व विधायक संजीव आर्य और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि यह हमला सिविल ड्रेस में आए लोगों ने किया और मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

पूरा घटनाक्रम यशपाल आर्य के फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारित हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी ने दावा किया कि झड़प में उनके पति पर भी हमला हुआ और कई कांग्रेस सदस्यों के कपड़े फाड़ दिए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा किसी भी तरह से चुनाव को प्रभावित करना चाहती है। वहीं, भाजपा की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस-प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।

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