जर्जर हो चुके विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को लेकर बड़ी पहल की है

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में माध्यमिक शिक्षा के तहत संचालित जर्जर हो चुके विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को लेकर बड़ी पहल की है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने सभी क्षतिग्रस्त विद्यालयों को चार श्रेणियों—A, B, C और D—में बांटते हुए, ‘C’ और ‘D’ श्रेणी के तहत चिन्हित विद्यालयों के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रथम चरण में 16 विद्यालयों के पुनर्निर्माण व मरम्मत के लिए कार्यदायी संस्थाओं का चयन करते हुए ₹14.39 करोड़ की धनराशि को स्वीकृति दी है। ‘C’ श्रेणी के अंतर्गत टिहरी, पौड़ी, देहरादून और ऊधमसिंहनगर जनपदों के 10 विद्यालयों को चयनित किया गया है। टिहरी व देहरादून में सिंचाई विभाग तथा पौड़ी व ऊधमसिंहनगर में ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इन विद्यालयों में नए कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, प्रयोगशालाएं, एमडीएम किचन, शौचालय, कार्यालय व स्टाफ कक्ष के निर्माण के साथ-साथ पुराने भवनों की मरम्मत भी कराई जाएगी टिहरी जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज नकुर्ची, न्यूली अकरी, लम्बगांव और उच्च माध्यमिक विद्यालय पिन्सवाड़ के लिए ₹9.24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। देहरादून के राजकीय इंटर कॉलेज जस्सोवाला को ₹3 करोड़, ऊधमसिंहनगर के तीन विद्यालयों को कुल ₹1.70 करोड़ और पौड़ी के राजकीय इंटर कॉलेज सिलोगी को ₹43 लाख की धनराशि दी गई है।

इसके साथ ही ‘D’ श्रेणी के तहत हरिद्वार, अल्मोड़ा और नैनीताल जनपदों के छह पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त विद्यालयों में पुनर्निर्माण कार्य के लिए भी कार्यदायी संस्थाएं नामित कर दी गई हैं। हरिद्वार के गुलाबशाहपीर, भगवानपुर, मानकचौक नारसन और मानकपुर आदमपुर में स्थित राजकीय विद्यालयों के अलावा नैनीताल व अल्मोड़ा के दो विद्यालयों में भी निर्माण कार्य होगा। इन कार्यों की जिम्मेदारी कृषि मंडी और ग्रामीण निर्माण विभाग को सौंपी गई है।

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