उत्तरकाशी: जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” के तहत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। इस पहल की अगुवाई जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कर रहे हैं, जो स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, डिजिटल सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रहे हैं।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत क्या हो रहा है बदलाव?
स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं:
जर्जर भवनों की मरम्मत और नई कक्षाओं का निर्माण।
पीने के पानी, टॉयलेट और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास।
डिजिटल शिक्षा की ओर कदम:
स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लर्निंग टूल्स की व्यवस्था।
छात्रों को ई-लर्निंग और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की पहल।
अध्यापन गुणवत्ता में सुधार:
शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग सेशन्स और नए टीचिंग मेथड्स का उपयोग।
छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज और एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़ से जोड़ने का प्रयास।
डीएम और सीडीओ की विशेष पहल
डीएम और सीडीओ स्वयं स्कूलों का दौरा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और समुदाय से भी सहयोग की अपील की है ताकि यह बदलाव स्थायी हो सके।
शिक्षा में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
“प्रोजेक्ट उत्कर्ष” न केवल सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि यह छात्रों को बेहतर शिक्षा और उज्जवल भविष्य देने की भी एक मजबूत पहल है।
इस अभियान का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर छात्र तक पहुँचाना और सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के समकक्ष बनाना है। स्थानीय लोग भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे भविष्य के लिए एक बेहतरीन शैक्षिक सुधार मॉडल मान रहे हैं।