बेटी आरोपी की दरिंदगी के बाद बेहद डरी और सहमी हुई थी।

काशीपुर। उत्तराखंड के जसपुर में एक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने सोमवार देर शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसके परिजन घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी आपबीती दर्ज की है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 मार्च को 30 वर्षीय सुरेंद्र कुमार ने किशोरी को उसके पिता के एक्सीडेंट की झूठी खबर देकर काशीपुर बुलाया। जब वह वहां पहुंची, तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे चौराहे पर छोड़कर फरार हो गया। किसी तरह घर पहुंची किशोरी ने अपने परिवार को इस घटना की जानकारी दी।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया और 12 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन इस घटना के बाद किशोरी मानसिक तनाव में थी और अंततः उसने आत्महत्या कर ली।
परिजनों की क्या प्रतिक्रिया है?
सोमवार शाम जब परिजन खेत से घर लौटे, तो उन्होंने बेटी को फंदे से लटका पाया। घर में मौजूद सुसाइड नोट में किशोरी ने अपने दर्द को बयां किया। परिजनों का कहना है कि बेटी आरोपी की दरिंदगी के बाद बेहद डरी और सहमी हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। कोतवाल जगदीश ढकरियाल ने बताया कि सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपी को सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय के साथ मानसिक और भावनात्मक समर्थन की भी जरूरत होती है। सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ आरोपी को जेल भेज देना ही काफी है, या पीड़िता को काउंसलिंग और सुरक्षा देने के भी प्रयास किए जाने चाहिए?

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