बच्चों की हर बात तुरंत मानी जाए तो वे धैर्य नहीं सीख पाते।

हर अनुभव कुछ सिखाता है। बच्चों को यह समझाएं कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि एक नया मौका है सीखने का। इससे बच्चे मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं।

*हर मांग तुरंत पूरी न करें*
अगर बच्चों की हर बात तुरंत मानी जाए तो वे धैर्य नहीं सीख पाते। उन्हें थोड़ा इंतजार करना सिखाएं। इससे वे योजना बनाना और लक्ष्य के लिए प्रयास करना सीखते हैं।

*हार को अपनाना सिखाएं*

बच्चों को यह समझाएं कि अगर किसी प्रतियोगिता में वे पीछे रह जाएं, तो यह बेहतर बनने का अवसर है। उन्हें अपनी मेहनत पर गर्व करना सिखाएं।

*सकारात्मक बातें करें*
जब बच्चा निराश हो, तो उससे उसके मजबूत पक्षों की चर्चा करें। हर विषय में अच्छे न होने पर चिंता नहीं करें, बल्कि छोटे सुधार की सराहना करें।

*समस्याओं का हल खुद खोजने दें*
बच्चों को उनके काम खुद करने दें। जब वे मुश्किल में हों, तो उन्हें हल ढूंढने के लिए प्रेरित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *