अफसरशाही में अनुशासन लाने के लिए बड़ा कदम उठाया

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य की अफसरशाही में अनुशासन लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक मई से प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही सचिव, अपर सचिव और विभागाध्यक्षों को अब फील्ड में मूवमेंट करना भी अनिवार्य होगा। इस फैसले से दफ्तरों की कार्यशैली में ठोस बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई सचिव समिति की बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं भी और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने पांच से दस महत्वपूर्ण कार्यों की सूची तैयार करें, जिन पर प्राथमिकता से काम हो।

मुख्य सचिव ने यह भी साफ कर दिया कि अब सामान्य प्रकृति के प्रकरणों के लिए सचिव स्तर पर बैठकें आयोजित नहीं की जाएंगी। केवल वे ही मुद्दे सचिव स्तर की बैठक में लाए जाएं जो नीतिगत हों या जिनका असर कई विभागों पर पड़े। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

इसके साथ ही क्षेत्रीय भ्रमण को भी अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य सचिव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर जिलों का दौरा करें और सरकारी योजनाओं की स्थलीय समीक्षा करें। साथ ही भ्रमण कार्यक्रम को सार्वजनिक भी करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में सचिव आईटी ने ‘डिजिटल उत्तराखंड’ पोर्टल की जानकारी दी। यह पोर्टल नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने का काम करेगा। साथ ही अधिकारियों को एक ही प्लेटफॉर्म से सभी पोर्टल्स पर लॉगइन की सुविधा मिलेगा।

इस अहम बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांश, एल फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

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