देहरादून । गैण्डिखाता। यूनिक आइडेंटीफिकेशन अथॉरिटी आफ इंडिया अर्थात आधार कार्ड। वर्षों पूर्व बने आथार कार्डो में अत्यधिक त्रूटिया है किसी में नाम ग़लत है किसी में बाप का नाम गलत है तो किसी का पता ग़लत किया हुआ है किसी का मोबाइल नंबर जुड़ना हैऔर काफी बच्चों का आथार कार्ड अपडेट होना अनिवार्य है।अब इसे ठीक कराने के लिए एक वेलिड आधार एजेंसी की घोर आवश्यकता है । परन्तु आधार एजेंसी यहां हमारे न्याय पॅचायत क्षेत्र लालढांग में कोई भी सरकार से अथिकृतॢ एजैसी नहीं है जिसके कारण वश क्षैत्रिय लोगो को दूरदराज के चक्कर काटने पर विवश होना पड़ रहा है।यह विडंबना ही कहलाऐगी की चण्डीघाट से कोटा वाली तथा लालढांग तक लगभग 70 हजार की आबादी एवं लगभग 30 किलोमीटर की एक लम्बी दूरी वाले क्षेत्र में एक भी सरकार से अथिकृत आधार एजेंसी नहीं है। क्षैत्रिय निवासियों रविन्द्र सिंह राम सिंह धर्मपाल सिंह हरपाल सिंह मुमताज अली युसूफ विरेन्द्र कुमार अमर सिंह शमशाद अली आदि का कहना है कि अगर सरकार क्षैत्रिय जनता की कठिनाइयो को दृष्टिगत रखते हुए सरकार से अधिकृत स्थायी एजेंसी का शुभारंभ क्षेत्र में कर दे तो काफ़ी हद तक लोगों की समस्या का समाधान होना स्वाभाविक होगा