पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 वर्ष की आयु सीमा तय

देहरादून/नई दिल्ली।
प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 59वीं आमसभा में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। यह बैठक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में एनडीएमसी सम्मेलन केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित की गई।

बैठक में डॉ. रावत ने सुझाव दिया कि कक्षा 1 से 12 तक की सभी पाठ्यपुस्तकें एनसीईआरटी के माध्यम से राज्यों को उपलब्ध कराई जाएं ताकि छात्रों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्य अपनी स्वयं की पुस्तकें प्रकाशित कराते हैं, जिनमें गुणवत्ता की कमी और वितरण में विलंब जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

पहली कक्षा में प्रवेश आयु सीमा में रियायत की मांग
डॉ. रावत ने कहा कि वर्तमान में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 वर्ष की आयु सीमा तय है, जिसकी वजह से कई छोटे बच्चे प्रवेश से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने इस आयु सीमा में लचीलापन लाने और सभी राज्यों में बालवाटिका अनिवार्य रूप से लागू करने का सुझाव दिया।

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