उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

देहरादून – सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर निम्न गुणवत्ता वाले नमक वितरण की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर एक साथ कई तहसीलों में छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 19 राशन दुकानों से नमक के नमूने एकत्र किए गए जिन्हें जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को भेजा गया है।

नमक की गुणवत्ता पर उठे सवाल

पिछले कई दिनों से जिला प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी राशन की दुकानों पर उपभोक्ताओं को खराब गुणवत्ता वाला नमक वितरित किया जा रहा है। लोगों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका के चलते डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश जारी किए।


किन क्षेत्रों में हुई छापेमारी?

डीएम के आदेश पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर, चकराता, विकासनगर, मसूरी और तहसीलदार ऋषिकेश ने अपने-अपने क्षेत्रों में छापेमारी की।

  • सदर – कई दुकानों पर निरीक्षण

  • चकराता और विकासनगर – दुकानों से नमक के नमूने लिए

  • मसूरी और ऋषिकेश – दुकानों की जांच और नमूने एकत्र

कुल मिलाकर 19 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से नमक के सैंपल एकत्र कर फूड सेफ्टी ऑफिसर (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) को जांच के लिए सौंपा गया है।


अब आगे क्या होगा?

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य और अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन का संदेश

  1. डीएम सविन बंसल ने कहा –
    👉 “सस्ते गल्ले की दुकानों पर यदि कोई भी दुकानदार घटिया क्वालिटी का सामान बांटते पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *